डीएम, एसडीएम को 100 बार पत्र और शिकायत के बाद महिला ने लगाई फांसी, सड़क विवाद को लेकर उठाया कदम
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डीएम, एसडीएम को 100 बार पत्र और शिकायत के बाद महिला ने लगाई फांसी, सड़क विवाद को लेकर उठाया कदम
वाराणसी। बड़ागांव थाना क्षेत्र के अहरक गांव में रास्ते और जमीन से जुड़े विवाद को लेकर लंबे समय से परेशान चल रही एक महिला ने बुधवार शाम फांसी लगाकर जान दे दी। महिला की उम्र 55 वर्ष थी ,घटना के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया और रास्ते का विवाद हल होने तक शव का अंतिम संस्कार नहीं करने की बात कही। गुरुवार दोपहर तक करीब 14-19 घंटे शव घर के बाहर पड़ा रहा। सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया।
परिजनों के मुताबिक, घर तक आने-जाने के लिए करीब छह फीट चौड़ा रास्ता है, जो नवीन परती भूमि पर स्थित है। आरोप है कि करीब दो वर्ष पहले पड़ोसियों मनीष और अमित उपाध्याय की ओर से कराई गई चाहरदीवारी के चलते यह रास्ता बंद हो गया। इसके बाद परिवार को करीब दो फीट चौड़े वैकल्पिक मार्ग से आवागमन करना पड़ रहा था।
मृतका के बेटे विशाल का आरोप है कि रास्ता खुलवाने के लिए परिवार ने कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार लगाई। डीएम कार्यालय में शिकायतें देने के साथ करीब एक वर्ष पहले धरना भी दिया गया था। तहसील में एसडीएम के समक्ष भी कई प्रार्थना पत्र दिए गए। परिवार के अनुसार, 22 जुलाई 2026 को डीएम की जनसुनवाई में भी शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसे 12 अगस्त को आख्या लगाकर निस्तारित दिखा दिया गया।
परिजनों का कहना है कि लगातार चल रहे विवाद और समस्या का समाधान नहीं होने से महिला मानसिक रूप से परेशान थी। बुधवार को घर के सामने स्थित शौचालय में साड़ी का फंदा बनाकर उसने आत्महत्या कर ली। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पत्नी की मौत की सूचना मिलने के बाद पति संतोष उपाध्याय दिल्ली से गांव पहुंचे। मृतका के तीन पुत्रियां और एक पुत्र हैं।
घटना के बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से साफ इनकार कर दिया। उनका कहना था कि जब तक रास्ते से संबंधित विवाद का समाधान नहीं होता, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। शव घर के बाहर रखे जाने की सूचना मिलने पर एसडीएम, नायब तहसीलदार, एसीपी पिंडरा, कानूनगो और लेखपाल समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर स्थिति सामान्य कराने का प्रयास किया। इस दौरान विपक्षी पक्ष से पंचायत भवन में अलग से बातचीत किए जाने को लेकर परिजन नाराज हो गए। इसी बात को लेकर एसडीएम से उनकी नोकझोंक भी हुई।
वहीं, एसडीएम कुंदन राजकपूर ने बताया कि मृतका का परिवार रास्ते से जुड़े एक मामले में दीवानी न्यायालय से मुकदमा हार चुका है। वर्तमान में विवादित रास्ते से संबंधित मामला तहसीलदार न्यायालय में लंबित है। प्रशासन की ओर से परिजनों को समझाने और मामले को नियमानुसार आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
वाराणसी AIN Bharat News
