काशी में गंगा का रौद्र रूप चेतावनी बिंदु के करीब जलस्तर ,शवदाह को गलियों में बारी का इंतजार
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काशी में गंगा का रौद्र रूप चेतावनी बिंदु के करीब जलस्तर ,शवदाह को गलियों में बारी का इंतजार
वाराणसी। पहाड़ों से लेकर पूर्वांचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में हो रही तेज बारिश का असर अब गंगा के जलस्तर पर साफ दिखाई देने लगा है। सोमवार सुबह तक गंगा का पानी तटवर्ती इलाकों की गलियों में पहुंच गया। कई स्थानों पर गलियों के मुहाने पर खड़ी नावें अब अंदर तक पहुंचने लगी हैं। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने भी निगरानी और राहत-बचाव की गतिविधियां तेज कर दी हैं।
गंगा के बढ़ते जलस्तर से घाटों से जुड़े निचले इलाकों में जनजीवन प्रभावित होने लगा है। तटवर्ती गलियों में स्थित कई मंदिरों में पूजा-पाठ पर असर पड़ा है। और कई मंदिर जलमग्न हो गए है जो तटीय इलाको में थे वहीं सभी प्रमुख घाटों का आपसी संपर्क पहले ही पहले से ही बाधित हो चुका था। अब और जलस्तर बढ़ने से और परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है ।
स्थानीय लोगों को जरूरत का सामान जुटाने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है।
बाढ़ का असर काशी के प्रमुख शवदाह घाटों पर भी दिखाई देने लगा है। मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट के आसपास सीमित स्थान बचने के कारण अंतिम संस्कार के लिए लोगों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। रात से ही कई परिवार शवदाह के लिए इंतजार करते रहे। मणिकर्णिका घाट के तटीय इलाके में शवदहन नहीं हो पा रहा है। छत पर किया जा रहा है । छत पर जगह की कमी है ।जिसे लोगो को अपने परिजनों के शवदहन हेतु काशी की गलियों में अपने बरी का इन्तिज़ार करना पड़ रहा है , इन्तिज़ार कई घंटो तक चल रहा है ।
उधर, वरुणा नदी के आसपास के निचले इलाकों और काशी क्षेत्र के कुछ मोहल्लों में भी पलट प्रवाह के कारण पानी पहुंचने लगा है। कुछ परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर जा चुके हैं, जबकि कई अन्य परिवार पलायन की तैयारी में हैं। अचानक बढ़े पानी को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रियता भी बढ़ गई है। राहत और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रख रहे हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारियां की जा रही हैं।
दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा जलस्तर
केंद्रीय जल आयोग की सोमवार सुबह 10 बजे की रिपोर्ट के अनुसार वाराणसी में गंगा का जलस्तर 69.94 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर में करीब दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी हो रही है। वाराणसी में गंगा का चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर, जबकि खतरे का निशान 71.262 मीटर है। अब तक यहां गंगा का अधिकतम जलस्तर 73.901 मीटर दर्ज किया जा चुका है।
जलस्तर में इसी तरह वृद्धि जारी रही तो आने वाले समय में शहर के अन्य निचले इलाकों में भी बाढ़ का पानी पहुंचने की आशंका है। प्रशासन की ओर से तटवर्ती क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है।
वाराणसी AIN Bharat News
