नाबालिगों की बाइक रफ्तार बनी खतरा, हेलमेट को लेकर भी बरत रहे लापरवाही
1 min readनाबालिगों की बाइक रफ्तार बनी खतरा, हेलमेट को लेकर भी बरत रहे लापरवाही
गाजीपुर। क्षेत्र में नाबालिगों द्वारा दोपहिया वाहन चलाने के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं, जिससे सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता उत्पन्न हो गई है। बिना लाइसेंस और पर्याप्त अनुभव के किशोर सड़कों पर तेज रफ्तार से बाइक दौड़ाते नजर आ रहे हैं। यातायात नियमों की अनदेखी के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होने की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे न केवल नाबालिग चालक बल्कि आम राहगीरों और अन्य वाहन चालकों की जान भी खतरे में पड़ रही है।
क्षेत्र के प्रमुख बाजारों, स्कूलों और ग्रामीण सड़कों पर बड़ी संख्या में नाबालिग छात्र-छात्राएं दोपहिया वाहन चलाते देखे जा सकते हैं। इनमें से अधिकांश के पास न तो ड्राइविंग लाइसेंस होता है और न ही उन्हें यातायात नियमों की पूरी जानकारी होती है। कम उम्र में वाहन चलाने की जिद और अभिभावकों की लापरवाही भी इस समस्या को बढ़ावा दे रही है।
चिंता की बात यह है कि अधिकांश लोग हेलमेट पहनने को गंभीरता से नहीं लेते। कई वाहन चालक हेलमेट सिर पर लगाने के बजाय बाइक में लटकाकर चलते हैं और केवल पुलिस जांच के दौरान ही उसे पहनते हैं। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि हेलमेट केवल चालान से बचने का साधन नहीं, बल्कि दुर्घटना के दौरान जीवन की रक्षा करने वाला महत्वपूर्ण सुरक्षा उपकरण है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने और यातायात नियमों की अनदेखी के मामलों पर प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है। साथ ही अभिभावकों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने से रोकना होगा। लोगों का मानना है कि पुलिस, प्रशासन और अभिभावकों के संयुक्त प्रयास से ही इस गंभीर समस्या पर अंकुश लगाया जा सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने, नियमित जांच अभियान चलाने और नियमों का सख्ती से पालन कराने से दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।
