बीएचयू में रातभर बारिश के बाद देर रात तक जलभराव, मुख्य द्वार से अस्पताल परिसर तक पानी
बीएचयू में रातभर बारिश के बाद देर रात तक जलभराव, मुख्य द्वार से अस्पताल परिसर तक पानी
वाराणसी। सोमवार रात हुई तेज बारिश के बाद काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) परिसर में जलभराव की स्थिति मंगलवार देर रात तक बनी रही। विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार के अलावा सर सुंदरलाल अस्पताल और जंत ताल क्षेत्र में भी पानी जमा रहा। लंबे समय तक पानी नहीं निकलने से मरीजों तीमारदारों छात्रों कर्मचारियों और आम लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा।
मुख्य द्वार के सामने सड़क पर काफी मात्रा में पानी जमा होने के कारण दोपहिया और अन्य वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। दिनभर बारिश थमने के बावजूद कई स्थानों पर जलभराव बरकरार रहा।
सर सुंदरलाल अस्पताल परिसर में भी पानी
बीएचयू स्थित सर सुंदरलाल अस्पताल के आसपास भी जलभराव की स्थिति बनी रही। अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। वहीं जंत ताल क्षेत्र में भी देर रात तक पानी जमा रहने से लोगों को परेशानी हुई।
निकासी में जुटा प्रशासन
जलभराव की सूचना के बाद संबंधित विभागों की ओर से पानी की निकासी का प्रयास किया गया। जलभराव वाले स्थानों पर स्थिति का जायजा लेकर पानी निकालने की कवायद की गई। हालांकि, देर रात तक कई हिस्सों में पानी जमा रहने से लोगों की परेशानी पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी।
पानी में बैठकर जताया विरोध
बीएचयू मुख्य द्वार के सामने जलभराव के बीच कुछ लोगों ने प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों ने पानी में बैठकर हाथों में पोस्टर लेकर विरोध दर्ज कराया। पोस्टरों पर “प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र क्योटो लिखा था। प्रदर्शनकारियों ने जलनिकासी व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते हुए समस्या के स्थायी समाधान की मांग की।
लगातार जलभराव से विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के क्षेत्रों में बारिश के पानी की निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का कहना है कि बारिश के बाद लंबे समय तक पानी जमा रहने से मरीजों, छात्रों और आम राहगीरों को विशेष परेशानी उठानी पड़ती है।
