उत्तर प्रदेश का गौरव बने प्रयागराज के डॉ. दीपक कुमार त्रिपाठी
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उत्तर प्रदेश का गौरव बने प्रयागराज के डॉ. दीपक कुमार त्रिपाठी
राष्ट्रीय सफलता से अंतरराष्ट्रीय मंच तक — पैरा डार्ट्स चैंपियनशिप मलेशिया के लिए चयन
प्रयागराज : दिव्यांगजन सशक्तिकरण, खेल प्रतिभा और मानवीय संकल्प के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के लिए यह अत्यंत गर्व और हर्ष का विषय है कि प्रयागराज स्थित नेहरू ग्राम भारती मानित विश्वविद्यालय, जमुनीपुर के विशेष शिक्षा विभाग में कार्यरत सहायक आचार्य डॉ. दीपक कुमार त्रिपाठी ने पैरा डार्ट्स के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि अर्जित की है।
इंडियन डिसएबिलिटी डार्ट्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय पैरा डार्ट्स चैंपियनशिप 2026, जो दिनांक 31 जनवरी एवं 1 फरवरी 2026 को कानपुर (उत्तर प्रदेश) में संपन्न हुई, में डॉ. दीपक कुमार त्रिपाठी ने उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए उत्कृष्ट एवं प्रभावशाली प्रदर्शन किया। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देशभर से 120 से अधिक दिव्यांग खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया, जहाँ डॉ. त्रिपाठी ने अपने कौशल, एकाग्रता और अनुशासन से सभी का ध्यान आकर्षित किया।
उनके इसी शानदार प्रदर्शन के परिणामस्वरूप वर्ल्ड डिसेबिलिटी डार्ट्स एसोसिएशन, स्कॉटलैंड द्वारा आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय पैरा डार्ट्स चैंपियनशिप (मलेशिया) के लिए उनका चयन किया गया है। इस प्रकार डॉ. दीपक कुमार त्रिपाठी अब वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे, जो न केवल प्रयागराज और उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का क्षण है।
इंडियन डिसएबिलिटी डार्ट्स एसोसिएशन के महासचिव श्री महेंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि डॉ. त्रिपाठी का चयन उनकी निरंतर साधना, अनुकरणीय अनुशासन और उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन का प्रतिफल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डॉ. त्रिपाठी अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी अपने प्रदर्शन से राष्ट्र का नाम गौरवान्वित करेंगे।
डॉ. दीपक कुमार त्रिपाठी केवल एक सफल खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों के मार्गदर्शक, प्रेरक और सशक्तिकरण के संवाहक भी हैं। वे सदैव इस संकल्प के साथ कार्यरत हैं कि सभी दिव्यांगजन शैक्षिक एवं खेल दोनों ही क्षेत्रों में समान अवसर प्राप्त कर विश्व मंच पर आगे बढ़ें। उनका प्रयास केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों तक सीमित न होकर, दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाने की दिशा में निरंतर समर्पित है।
शैक्षणिक जगत में विशेष शिक्षा के क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका और खेल के मैदान में यह उपलब्धि डॉ. त्रिपाठी की बहुआयामी प्रतिभा, दृढ़ इच्छाशक्ति और मानवीय संवेदना को सशक्त रूप से रेखांकित करती है। उनकी यह सफलता विश्वविद्यालय परिवार, प्रयागराज जनपद एवं समस्त उत्तर प्रदेश के लिए गौरव का विषय होने के साथ-साथ उन असंख्य दिव्यांगजनों के लिए आशा, साहस और प्रेरणा का संदेश है।
विश्वास है कि डॉ. दीपक कुमार त्रिपाठी का यह अंतरराष्ट्रीय पदार्पण दिव्यांग सशक्तिकरण की दिशा में एक नई राह प्रशस्त करेगा और आने वाली पीढ़ियों को शिक्षा, खेल और राष्ट्रसेवा के पथ पर निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा।
