भक्त अंधविश्वास व भ्रम को दूर कर माँ का प्रसाद कहीं पर भी ले जा सकते – अचलानन्द गिरी महाराज
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भक्त अंधविश्वास व भ्रम को दूर कर माँ का प्रसाद कहीं पर भी ले जा सकते – अचलानन्द गिरी महाराज
AINभारतNEWS से राजस्थान स्टेट ब्यूरो अशरफ मारोठी 
जसोल- माजीसा धाम दरबार में पहुंचने वालों की जसोल माँ कर रही हर मुराद पूरी, भक्तो की आस्था की डोर माँ की मनमोहक मूर्त लाखों श्रद्धालुओं को अपनी और हर बार खींच कर लाती है। आज अंधविश्वास के चलते लोग भोंपो के चक्कर मे आ जाते है। माँ तो माँ ही होती है जो सबके कष्टों को दूर करती है। माँ का प्रसाद भक्त कहीं पर भी लेकर जा सकता है। यह भ्रम फैला रखा है कि प्रसाद यहां से नहीं ले जाना चाहिए उसको दूर करना होगा। माँ किसी को पीड़ा नही देती माँ तो अपने भक्तों का संकट हरने वाली है। ये बात जसोल धाम में दर्शनों को पहुंचे श्री श्री 1008 सैनाचार्य अचलानंद गिरी जी महाराज (जोधपुर)ने कही।
महाराज ने जसोलधाम में जगत जननी श्री माता राणीं भटियाणी, श्री सवाई सिंह जी, श्री लाल बन्ना सा, श्री बायोसा, श्री खेतलाजी व श्री भेरूजी के दर्शन कर की सर्व मंगल की कामना, महाराज ने कहा कि कुछ समय से इच्छा थी जसोल पहुँच माँ के दर्शन कर अपने जीवन को धन्य करूं जो आज पूरी हुई। उन्होंने कहा कि सर्व समाज के लोगों को इस आस्था के मंदिर मे माता के दर्शनों का लाभ मिल रहा हैं। संस्थान द्वारा करवाए सराहनीय कार्य की सराहना करते हुए महाराज ने कहा कि अब जसोल धाम का नजारा बेहद ही ख़ूबसूरत लग रहा है। जसोल माता के साक्षात दर्शन मन को इस क्षेत्र के प्रति जोड़ रहा हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान अध्यक्ष रावल किशन सिंह जसोल के सराहनीय प्रयासों की बदौलत आज जसोलधाम मैं विकास के आयाम स्थापित हो रहा है। ज्ञातव्य रहे कि जसोल रावल किशनसिंह ने सेवानिवृत्ति के बाद अपना अमूल्य समय जसोलधाम को संवारने में लगाया है ।
