काशी में 60 मिलीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही गंगा, नाव संचालन पर रोक जारी
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वाराणसी। काशी में गंगा के जलस्तर में एक बार फिर तेजी से वृद्धि दर्ज की जा रही है। केंद्रीय जल आयोग की सोमवार सुबह आठ बजे की रिपोर्ट के अनुसार वाराणसी में गंगा का जलस्तर 67.18 मीटर पहुंच गया। पानी बढ़ने की रफ्तार करीब 60 मिलीमीटर प्रति घंटे दर्ज की गई है। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने गंगा में नाव संचालन पर लगी रोक को अगले आदेश तक जारी रखा है।
गंगा का चेतावनी बिंदु 70.26 मीटर और खतरे का निशान 71.26 मीटर निर्धारित है। वर्तमान जलस्तर खतरे के निशान से करीब चार मीटर नीचे है। हालांकि, पानी बढ़ने की रफ्तार को देखते हुए गंगा किनारे के इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
तर्पण के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु, बढ़ी निगरानी
पितृपक्ष के चलते इन दिनों बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा घाटों पर तर्पण और धार्मिक अनुष्ठान के लिए पहुंच रहे हैं। बढ़ते जलस्तर के बीच उनकी सुरक्षा को लेकर एनडीआरएफ और जल पुलिस की टीमों ने निगरानी बढ़ा दी है। गंगा में लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है।
प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से गहरे पानी में नहीं जाने की अपील की गई है। घाटों पर मौजूद लोगों को जलस्तर की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
1978 में दर्ज हुआ था सबसे बड़ा बाढ़ स्तर
वाराणसी में गंगा का अब तक का सर्वाधिक बाढ़ स्तर 73.901 मीटर दर्ज किया गया है। यह रिकॉर्ड 9 सितंबर 1978 को बना था। वर्तमान स्थिति उस रिकॉर्ड से काफी नीचे है, लेकिन लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण प्रशासन ने एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं।विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश
गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने संबंधित विभागों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। घाट और नदी किनारे के क्षेत्रों पर निगरानी रखी जा रही है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षा व्यवस्था का पालन करें और नदी में स्नान या अन्य गतिविधियों के दौरान जोखिम न लें। जलस्तर में वृद्धि जारी रहने की स्थिति में घाट किनारे सुरक्षा इंतजाम और सख्त किए जा सकते हैं।
वाराणसी प्रभारी
