पापा को ही मारना था,लेकिन बहन-भांजी ने देख लिया
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*प्रयागराज ट्रिपल मर्डर-‘पापा को ही मारना था,लेकिन बहन-भांजी ने देख लिया इसलिए उन्हें भी मारना पड़ा’ — आरोपी बड़े बेटे का सनसनीखेज कबूलनामा*
*भाई को भी गोली मारी लेकिन वो बच गया*
मऊआईमा,प्रयागराज। मऊआइमा थाना क्षेत्र के लोकापुर बिसानी गांव में हुए दिल दहला देने वाले ट्रिपल मर्डर का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। आधे बीघा (10 बिस्वा) जमीन के विवाद में बड़े बेटे ने अपने ही पिता,बहन और नाबालिग भांजी की बेरहमी से हत्या कर दी। और छोटे भाई को भी गोली मारी लेकिन गोली उसके कंधे को छू कर निकल गयी जिससे वो बच गया। पुलिस कस्टडी में आरोपी मुकेश पटेल ने कबूल किया कि वह केवल पिता की ही हत्या करने गया था,लेकिन बहन और भांजी ने घटना देख ली, इसलिए उन्हें भी मारना पड़ा।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने पहले पिता से हाथापाई की,फिर गला घोंटकर हत्या की। शोर सुनकर जब बहन और भांजी मौके पर पहुंचीं तो कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर उनकी भी जान ले ली। इसके बाद तीनों शवों को बोरे में भरकर पास के कुएं में फेंक दिया और ऊपर से पुआल डालकर सबूत मिटाने की कोशिश की।
पूछताछ में सामने आई हत्या की पूरी कहानी
डीसीपी गंगानगर कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि तीन घंटे से अधिक चली पूछताछ में आरोपी ने हत्या की रात की पूरी कहानी बताई। मुकेश ने कहा कि घर में कुल 4.5 बीघा जमीन है,लेकिन वह सिर्फ आधा बीघा जमीन ही मांग रहा था। पिता राम वीर उससे नाराज रहते थे और जमीन देने से साफ इनकार कर रहे थे।
आरोपी के मुताबिक 2 जनवरी की रात करीब 11:30 बजे गांव में कोहरा छाने के बाद वह पिता के घर पहुंचा, जो उसके घर से महज 20 मीटर की दूरी पर था। बातचीत के दौरान जब उसने जमीन की बात दोहराई तो पिता ने उसे ‘निकम्मा’ कह दिया। इसी बात पर वह आपा खो बैठा और पिता का गला दबाने लगा।
*बहन और भांजी ने देखा कत्ल, इसलिए मार डाला*
आरोपी ने बताया कि पिता से हाथापाई के दौरान चारपाई के पास रखा गिलास गिरा,जिसकी आवाज सुनकर बहन साधना देवी और भांजी आस्था कमरे से बाहर आ गईं। उन्हें देख मुकेश घबरा गया और यह सोच लिया कि अब पुलिस उसे पकड़ लेगी।
इधर साधना चीखने लगी, तो पास में रखी कुल्हाड़ी से उसने पहले साधना पर वार किया। इसके बाद भागती हुई भांजी आस्था पर पीछे से वार कर दिया। कुछ ही देर में घर के अंदर तीन लाशें पड़ी थीं।
*कोहरे का फायदा उठाकर शव ठिकाने लगाए*
हत्या के बाद आरोपी कुछ देर तक घर में बैठा रहा। फिर उसने घर के पिछवाड़े से तीन बोरे उठाए, शवों को अलग-अलग बोरे में भरा और बाइक से एक-एक कर करीब 200 मीटर दूर खेत में बने कुएं तक पहुंचाया। तीनों शव कुएं में फेंकने के बाद ऊपर से पुआल डाल दिया। आरोपी ने बताया कि उस रात कोहरा इतना ज्यादा था कि किसी को कुछ दिखाई नहीं दिया।
लाशें ठिकाने लगाने के बाद आरोपी वापस घर लौटा। उसने बाल्टियों में पानी भर-भरकर पूरे घर की धुलाई की। फर्श, दरवाजे और कमरे से खून के सारे निशान साफ किए। इसके बाद घर में बाहर से कुंडी लगाकर चला गया।
*छोटे भाई को भी मारने की थी साजिश*
आरोपी ने कबूल किया कि तीनों की हत्या के बाद वह छोटे भाई मुकुंद को भी मारना चाहता था,ताकि पूरी जमीन और मकान उसका हो जाए। इसी मकसद से उसने तमंचा खरीदा था। 3 जनवरी की शाम को जब मुकुंद काम से लौट रहा था,तो उसने उस पर गोली चलाई, लेकिन गोली कंधे को छूते हुए निकल गई और उसकी जान बच गई।
*छह घंटे चले ऑपरेशन के बाद कुएं से निकली लाशें*
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस खेत में बने कुएं तक पहुंची। आबादी से दूर होने और अंधेरे व कोहरे की वजह से शव निकालने में करीब छह घंटे का वक्त लगा। टावर लाइट और जनरेटर लगवाए गए। गोताखोरों की मदद से तीनों शव बाहर निकाले गए और पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए।
*पत्नी की भूमिका भी जांच के घेरे में*
डीसीपी गंगानगर कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि आरोपी की पत्नी घटना के बाद बच्चों को लेकर घर से गायब है। उसकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आरोपी के बयानों से सबूतों का मिलान किया जाएगा।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मुकेश आठवीं पास है और 15 साल की उम्र में घर छोड़कर हैदराबाद चला गया था। वहां वह लेबर सप्लाई का काम करता था। दो महीने पहले ही गांव लौटा था और जमीन मिलने की उम्मीद लगाए बैठा था।
*गांव में मातम, आरोपी जेल भेजा गया*
तीन हत्याओं के बाद गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। मृतक साधना देवी की कुछ महीनों बाद शादी होनी थी, लेकिन उससे पहले ही उसकी अर्थी उठ गई। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। मामले की विवेचना जारी है।
