मेटा का AI ग्लास पहन कर सुरक्षा को रखा ताक पर , काशी विश्वनाथ गर्भगृह का विडिओ बनाया
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मेटा का AI ग्लास पहन कर सुरक्षा को रखा ताक पर , काशी विश्वनाथ गर्भगृह का विडिओ बनाया
वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्रवेश पर प्रतिबंध के बावजूद कैमरे वाले स्मार्ट ग्लास के जरिए गर्भगृह का वीडियो बनाए जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि एक युवक स्मार्ट ग्लास पहनकर मंदिर के गर्भगृह तक पहुंचा और वहां की गतिविधियों को रिकॉर्ड कर लिया। बाद में वीडियो को इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया गया, जिसके वायरल होने के बाद मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे।
मामला सामने आने के बाद मंदिर प्रशासन और पुलिस सक्रिय हो गई है। हालांकि संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट से वीडियो बाद में हटा दिया गया लेकिन तब तक यह कई अन्य प्लेटफॉर्म पर साझा हो चुका था। घटना को लेकर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है।
सीसीटीवी से युवक की तलाश
मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर युवक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस और मंदिर प्रशासन की संयुक्त टीम यह पता लगाने में जुटी है कि युवक किस प्रवेश द्वार से मंदिर में दाखिल हुआ और जांच के दौरान स्मार्ट ग्लास सुरक्षा व्यवस्था की नजर से कैसे बच गया। इस समय सामान्य ग्लास और स्मार्ट ग्लाश में भिन्नता बिल्कुल नहीं किया जा सकता सामान्यतः देखे तो पर सुरक्षाकर्मयों के पास वो उपरक उपल्बध होते है । उसके बावजूद भी उसको पकड़ा नहीं गया , सुरक्षा पर सवाल उठता है । विदेशी या एनआरआई (NRI) से जुड़ा मामला दरअसल अक्टूबर 2025 का है, जब विदेश में काम करने वाला एक भारतीय मूल का सॉफ्टवेयर इंजीनियर अपनी मां के साथ दर्शन करने आया था और स्मार्ट ग्लास से तस्वीरें लेते समय पकड़ा गया था। लोग अक्सर इस पुराने मामले को मौजूदा घटना से जोड़कर देख रहे हैं।
खास बात यह है कि मंदिर में मोबाइल फोन और कैमरा समेत इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने पर प्रतिबंध है। प्रवेश से पहले श्रद्धालुओं की जांच के लिए सुरक्षा कर्मियों के साथ मेटल डिटेक्टर और अन्य व्यवस्थाएं भी मौजूद हैं।
प्रवेश व्यवस्था की होगी समीक्षा
मंदिर प्रशासन की ओर से युवक की पहचान होने के बाद उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। साथ ही प्रवेश द्वारों पर जांच प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने तथा सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा किए जाने की बात कही जा रही है।
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब मंदिर में मोबाइल और कैमरा जैसे उपकरणों पर रोक है और श्रद्धालुओं की कई स्तरों पर जांच होती है, तो कैमरे वाला स्मार्ट ग्लास सुरक्षा जांच से गुजरकर गर्भगृह तक कैसे पहुंच गया। अब सीसीटीवी फुटेज और जांच के आधार पर इसका जवाब तलाशा जा रहा है।
वाराणसी AIN Bharat news
