माहे रमजान में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने पहला रोजा रख रब की बारगाह में की देश में अमन चैन और खुशहाली की दुआ
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माहे रमजान में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने पहला रोजा रख रब की बारगाह में की देश में अमन चैन और खुशहाली की दुआ
AINभारतNEWS राजस्थान स्टेट ब्यूरो अशरफ मारोठी
रमजान का महीना इबादत का महीना होता है साथ ही गर्मी के बावजूद नन्हे बच्चे भी रोजा रखने से पीछे नहीं हैं। उन्होंने भी अल्लाह की रजा के लिए रोजा रखा और इबादत कर दुआ के लिए हाथ उठाए। अयूब सिलावट के 6 वर्षीय पुत्री जोया सिलावट तथा परवीन-मुकीद खान सिलावट, कोसेलाव के 8 वर्षीय अरशद रजा सिलावट तथा 6 वर्षीय अकील रजा सिलावट बच्चों ने रोजा रखा। बच्चों के पिता मुकीद खान सिलावट ने बताया कि मुस्लिम समुदाय में सबसे पवित्र रमजान का महीना चल रहा है. इस उम्र के बच्चें खाने-पीने और खेलकूद में व्यस्त रहते हैं लेकिन मेरे बच्चों की ज़िद ने रोजा रखकर नसीहत पेश की है l इनके अलावा भी ऐसे अनेक बच्चे हैं, जिन्होंने जिंदगी का पहला रोजा रखा और दिनभर इबादत भी की।
इसके बाद परिजनों ने उसे फूलों की माला पहनाकर उनका हौसलाअफजाई और आत्मविश्वास मजबूत किया, जिससे वो बहुत खुश नजर आए। शाम 7 बजे मगरीब की नमाज से पहले दोनों बच्चों ने 14 घण्टे बाद अपने परिवारजन ओर पड़ोसियों के साथ सामूहिक रोजा अफ्तार कर मग़रिब की नमाज पढ़ी और मुल्क की तरक्की तथा अमन-चैन के लिए दुआ मांगी। बच्चों के रोजा रखने से परिवार में खुशी का माहौल था। उन्होंने रोजे पर खुशी जाहिर कर एक दूसरे को गले लगा कर अल्लाह का शुक्र अदा किया।
