जसोलधाम में मां भटियाणीजी के दर्शन करने से मन को सुकून मिलता- राज्यपाल कटारिया
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जसोलधाम में मां भटियाणीजी के दर्शन करने से मन को सुकून मिलता- राज्यपाल कटारिया

जसोलधाम में राज्यपाल कटारिया ने सपत्नीक माजीसा के चरणों में शीश नवाया।
AINभारतNEWS राजस्थान स्टेट ब्यूरो अशरफ मारोठी
बालोतरा। मारवाड़ का गौरवशाली इतिहास अपनी अनूठी पहचान के साथ दर्शनीय स्थलों से भरा है। जसोलधाम में मां राणीं भटियाणीजी के दर्शनों से मन को सुकून मिलता है, जो हमे यहां खींच लाती है। यह बात असम के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने कही, कटारिया ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में जसोलधाम का जो रूप निखरा है। यहां जनमानस की जो आस्था निहित है, उसी को लेकर दर्शनों को श्रद्धालुओं का हमेशा मेला लगा रहता है। उन्होंने कहा कि रावल किशनसिंह जसोल ने सरकारी कार्यों से सेवानिवृत्त होने के बाद क्षेत्र की सेवा का जो संकल्प लिया, उसकी आज संकल्पना आज साकार होती नजर आ रही हैं। ट्रस्ट लगातार सामाजिक सरोकारों के कार्यो को कर रहा है, जिसकी सराहना की जा रही है। गुलाबचंद कटारिया असम के राज्यपाल बनने के बाद पहली बार जसोलधाम पहुंचे जहां जगत जननी श्री राणीं भटियाणी के दर्शन कर कटारिया ने सपत्नीक मां की पूजा अर्चना कर राष्ट्र के सर्वांगीण विकास व खुशहाली को लेकर मां से की कामना,इस अवसर पर श्री राणीं भटियाणी मन्दिर संस्थान की और से राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया स्वागत किया गया, इस दौरान मांगूसिंह, लालसिंह, गजेन्द्रसिंह, फतेहसिंह, गणपतसिंह, जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक जेतमालसिंह, गणपत बांठिया, सुरंगीलाल सालेचा, नगरपरिषद सभापति सुमित्रा जैन, पूर्व नगरपरिषद सभापति प्रभा किशोर सिंघवी, संस्थान प्रबन्धक जेठुसिंह आदि मौजूद रहे।
इस दौरान राज्यपाल कटारिया ने रावल किशनसिंह से की शिष्टाचार भेंट-
असम के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया व जसोल मन्दिर संस्थान अध्यक्ष रावल किशनसिंह के मध्य शिष्टाचार भेंट के दौरान मालाणीं क्षेत्र के सामाजिक सरोकार व क्षेत्र के विकास को लेकर की चर्चा, इस दौरान जोधपुर मेहरानगढ़ ट्रस्ट की ओर से हाल ही में रावल किशनसिंह जसोल को मारवाड़ रत्न पुरस्कार की श्रंखला में मारवाड़ का प्रतिष्ठित “राव जोधा अवार्ड” से नवाजा गया इसको लेकर कटारिया ने रावल किशनसिंह को दी बधाई ।
