लाट भैरव उत्सव का वीडियो वायरल, पुलिस ड्यूटी पर उठे सवाल; AI से छेड़छाड़ के आरोप में केस
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वाराणसी। कज्जाकपुरा स्थित बाबा लाट भैरव मंदिर में आयोजित तिलकोत्सव और विवाहोत्सव से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे हैं। वीडियो में मंदिर परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान कुछ युवतियां डांस करती नजर आ रही हैं। दावा किया गया कि मौके पर तैनात पुलिसकर्मी कार्यक्रम देखने और मोबाइल से वीडियो बनाने में व्यस्त थे।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने इसे फर्जी और AI तकनीक से तैयार किया गया बताया है। पुलिस के अनुसार वास्तविक कार्यक्रम के दौरान बनाए गए वीडियो में कलाकारों के पीछे पुलिसकर्मी दिखाई नहीं देते हैं। मामले में आदमपुर थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
सोशल मीडिया पर पुलिस की भूमिका को लेकर उठे सवाल
वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए। कांग्रेस ने भी इस मामले को लेकर भाजपा और पुलिस विभाग पर तंज कसा। पार्टी की ओर से X पर पोस्ट कर इसे ‘मिशन शक्ति’ बताते हुए कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए गए।
हालांकि, वायरल वीडियो की वास्तविक तारीख और उसमें नजर आ रहे पुलिसकर्मियों की पहचान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
DCP बोले- AI से तैयार किया गया वीडियो
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस गौरव बंसवाल ने वायरल सामग्री को AI से तैयार बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस की छवि खराब करने के उद्देश्य से भ्रामक तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए गए।
पुलिस के मुताबिक, भीड़ द्वारा बनाए गए वास्तविक मोबाइल वीडियो में कार्यक्रम स्थल पर कलाकारों के पीछे पुलिस बल नजर नहीं आता है। इसी आधार पर पुलिस ने वायरल सामग्री को कृत्रिम तरीके से तैयार किए जाने की बात कही है।
आदमपुर थाने में दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस के अनुसार मामले में आदमपुर चौकी प्रभारी, लाट भैरव के उप निरीक्षक बलिराम यादव की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। एफआईआर के मुताबिक 23 से 27 सितंबर 2026 तक बाबा लाट भैरव का तिलकोत्सव और विवाहोत्सव आयोजित हुआ था। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ आर्केस्ट्रा भी हुआ था। सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की ड्यूटी लगाई गई थी।
पुलिस का आरोप है कि कुछ अज्ञात लोगों ने डांस कर रही कलाकारों के पास AI की मदद से पुलिस बल की तस्वीर जोड़कर उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित किया। पुलिस का कहना है कि इस तरह तैयार की गई सामग्री का उद्देश्य विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाना था।
मामले में थाना आदमपुर में धारा 356 और 353(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच उप निरीक्षक अखिल सिंह को सौंपी गई है। पुलिस अब AI से तैयार सामग्री को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वाले लोगों की पहचान में जुटी है।
वाराणसी प्रभारी
