चैन स्नैचिंग की वारदातों में लिप्त गिरोह का भंडाफोड़ करने वाले जसोल धाम के सुरक्षा कर्मियों सहित महिला कांस्टेबल को किया सम्मानित
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चैन स्नैचिंग की वारदातों में लिप्त गिरोह का भंडाफोड़ करने वाले जसोल धाम के सुरक्षा कर्मियों सहित महिला कांस्टेबल को किया सम्मानित
AINभारतNEWS राजस्थान स्टेट ब्यूरो अशरफ मारोठी
जसोल (बाड़मेर)
श्री राणीं भटियाणी मंदिर संस्थान में शुक्ल पक्ष के दौरान रहने वाली भारी भीड़ में कई महिलाओं के गले में पहनी कंठी व अन्य जेवरात चोरी की वारदातें सामने आने के बाद जसोलधाम सुरक्षाकर्मियों ने चैत्र शुक्ल पक्ष मेले के दौरान एक विशेष सुरक्षा अभियान के तहत सीसीटीवी कैमरों व गश्त के जरिए संदिग्धों पर कड़ी नजर बनाते हुए विशेष अभियान के दौरान चैन स्नैचिंग गिरोह, मोबाइल, पर्स, पैसे, जूता चोरों को पकड़ने में सफलता हासिल की, संस्थान सुरक्षा प्रभारी खींवसिंह, सीसीटीवी ऑपरेटर श्रवण कुमार ने सावित्री बावरी व उसकी गैंग को पकड़ने में अहम भूमिका निभाई गई।
आज सोमवार को इनके सम्मान में आयोजित सम्मान समारोह में चैन-स्नैचिंग गिरोह को पकड़ने में अहम भूमिका निभाने वालों सुरक्षा प्रभारी खींवसिंह, सीसीटीवी ऑपरेटर श्रवण कुमार, महिला पुलिस कॉन्स्टेबल सुंदर चौधरी, चैत्र के मेले के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने के लिए सुरक्षाकर्मी जामसिंह, देशलसिंह, लक्ष्मणसिंह, खेतसिंह, जयसिंह, हिन्दूसिंह, रतन सिंह को श्री राणीं भटियाणी मंदिर संस्थान अध्यक्ष ने पुरस्कार प्रदान कर किया सम्मानित, आयोजित कार्यक्रम के दौरान
संस्थान सुरक्षा प्रभारी खींवसिंह ने बताया कि मंदिर संस्थान कि ओर से चलाया गया विशेष सुरक्षा अभियान का ही परिणाम है कि इतने बड़े चोर गिरोह को पकड़ने में श्री राणीं भटियाणी संस्थान के सुरक्षाकर्मियों को कामयाबी मिली।
सम्मान समारोह को सम्बोधित करते हुए संस्थान अध्यक्ष रावल किशनसिंह जसोल ने कहा कि इस बार चैन-स्नैचिंग गिरोह को पकड़ने में सुरक्षा कर्मियों के अभियान को सफलता हासिल हुई उसके लिए में सुरक्षा प्रभारी व उनकी पूरी टीम को बधाई देता हूँ,रावल किशनसिंह ने बताया कि मेरा राजस्थान सरकार से भी विशेष अनुरोध है कि क्षेत्र में चोर गिरोह के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए, जिससे धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रदालुओं में चोर गिरोहों के भय से मुक्ति मिले और इस तरह के चोर गिरोह की वजह से लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचे,इस दौरान माजीसा मंदिर संस्थान अध्यक्ष रावल किशनसिंह ने माजीसा के समस्त भक्तगणों से भी आव्हान किया कि दर्शन करने के दौरान सावधानी बरतते हुए ऐसे गिरोहों को पकड़वानें में मंदिर संस्थान के सुरक्षाकर्मियों की मदद करें।
कौन है सावित्री बावरी गिरोह :- जिला परिषद सदस्य और सरपंच रह चुकी सावित्री बावरी को फिर चैन-स्नैचिंग के आरोप में पकड़ा गया, 58 वर्षीय सावित्री के खिलाफ अब तक 3 जिलों में 11 मुकदमे भी दर्ज है। पुलिस के अनुसार वह चैन-स्नैचिंग गिरोह की मुखिया है, उसके गिरोह में 20-25 महिलाएं भी शामिल है। यह गिरोह वारदात करने के लिए कारों में आता-जाता है। गिरोह सरगना सावित्री के पास तीन-चार लग्जरी कारे बताई जाती है। साल 2000 से 2003 तक कोटपुतली के चिमनपुरा गांव की सरपंच, साल 2010 से 2015 तक जिला परिषद सदस्य रह चुकी है। पुलिस के अनुसार इस महिला की दबंगई तथा चोरी की आदत जनप्रतिनिधि बनने के बाद भी नहीं छूटी। दोनों पदों पर रहते उसके खिलाफ क्रमश: 3-3 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। सावित्री की इलाके में दबंगई का दबदबा कायम है। 8 बीघा सरकारी जमीन पर भी कब्जा कर रखा है। इस मामले में तहसील कार्यालय की ओर से एलआर एक्ट के तहत कार्यवाही भी प्रस्तावित है, लेकिन यह कार्यवाही केवल कागजों में ही दिखाईं दे रही है। कोटपुतली थाना इलाके के गोलिया की ढाणी पूरण नगर निवासी सावित्री उर्फ सुमित्रा बावरी उसकी साथी महिला मुन्नी देवी को गत दिनों बालोतरा थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया था, दोनों महिलाओं पर जसोल थाने की दीवार फांदकर भागने का आरोप है। गोलिया की ढाणी पूरण नगर ग्रामीणों के अनुसार सावित्री की क्षेत्र में दबंगई के साथ ऊंचे रसूखात भी है। उसने 2010 में कांग्रेस के टिकट से जिला परिषद सदस्य का चुनाव लड़ा जिसमें वह विजयी रही थी। कोटपुतली पुलिस के अनुसार 20-25 जनों का यह गिरोह डेढ़ दशक से आपराधिक वारदातों में सक्रिय है। कही भी धार्मिक कार्यक्रम, मेला या भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक कार्यक्रमों की जानकारी मिलते ही सावित्री गिरोह के साथ वहां पहुंच जाती है। वारदात करने के बाद ये गिरोह के साथ भाग जाती है। गिरोह इतना शातिर है कि चोरी करने के बाद सामान तुरंत किसी दूसरे साथी के हाथ में दे देते है। इसके बाद दुसरा साथी मौके से फरार हो जाता। है। इससे पुलिस की पकड़ में आने के बाद भी इनसे चोरी के माल की बरामदगी भी नही होती इसी वजह से ये गिरोह पुलिस की पकड़ से बच जाता है। इतना ही नही फरारी व चैन स्नैचिंग करने के लिए मौके पर जाने के लिए यह गिरोह लग्जरी वाहनों का भी उपयोग करता है।
