रावल मल्लिनाथजी जी की धरा से क्षेत्र हो रहा गौरवान्वित- जसोल रावल किशनसिंह बीज पर पालिया धाम में भरा मेला, सैकड़ों श्रद्धालुओं ने लगाई धोक
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रावल मल्लिनाथजी जी की धरा से क्षेत्र हो रहा गौरवान्वित- जसोल रावल किशनसिंह
बीज पर पालिया धाम में भरा मेला, सैकड़ों श्रद्धालुओं ने लगाई धोक

AINभारतNEWS से राजस्थान स्टेट ब्यूरो अशरफ मारोठी
बालोतरा- श्री राणीं रूपादे मंदिर पालिया (तिलवाड़ा) में श्रावण शुक्ल पक्ष बीज के शुभ अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने माता के दरबार मे धोक लगाकर की प्रदेश में खुशहाली की मंगल कामना, श्री रावल मल्लिनाथजी श्री राणीं रूपादे संस्थान अध्यक्ष रावल श्री किशनसिंह जसोल ने कहा कि राजस्थान की वीर भूमि पर समय समय पर कई वीर योद्धाओं, संतो, साहित्यकारों व भक्तों ने लिया जन्म इसी कड़ी में पश्चिम राजस्थान के मालाणीं अंचल में एक ऐसे ही संत शासक श्री रावल मल्लिनाथजी ने जन्म लिया, जिन्होंने अपनी वीरता, शौर्य एवं पराक्रम से मालाणीं क्षेत्र को स्थापित किया,रावल किशनसिंह जसोल ने कहा कि वर्तमान समय में श्री राणीं रूपादे जी, श्री रावल मल्लिनाथजी का जीवन चरित्र प्राणीमात्र के लिए प्रेरणादायक एवं कल्याणकारी है। इन महान संतों के बताए मार्ग पर चलकर मनुष्य न केवल उद्देश्य पूर्ण जीवन जी सकता है, बल्कि मोक्ष की भी प्राप्ति कर सकता है। यही उनके जीवन का संदेश और उपदेश है। रावल श्री मल्लिनाथजी जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए रावल किशनसिंह ने कहा कि श्री रावल मल्लिनाथजी ने श्री राणीं रूपादेजी की तपस्या से प्रभावित होकर उनके भक्ति के मार्ग को चुना तथा तपस्या कर मुक्ति के द्वार तक पहुंचे। इस शुभ अवसर पर मांगुसिंह, पदमसिंह जागसा, कुन्दन सिंह तिलवाड़ा राजुसिंह, हड़मतसिंह नौसर, गणपतसिंह सिमालिया, गुमानसिंह वेदरलाई, शंभुसिंह, विक्रमसिंह, शैतानसिंह असाड़ा, सुमेरसिंह वरिया, बलवंतसिंह दाखा, गुमानसिंह मेवानगर सहित गणमान्य सदस्य व सैकड़ों भक्तगण मौजूद रहे।
