तीन बार ऑनलाइन आवेदन के बाद भी धारा-80 में दर्ज नहीं हुई भूमि, कांति देवी ने राज्यमंत्री से लगाई गुहार राजस्व विभाग की
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तीन बार ऑनलाइन आवेदन के बाद भी धारा-80 में दर्ज नहीं हुई भूमि, कांति देवी ने राज्यमंत्री से लगाई गुहार
राजस्व विभाग की
कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, महीनों से लंबित है प्रकरण; शीघ्र निस्तारण की मांग
रिपोर्टर Ain भारत न्यूज
गाजीपुर। नंदगंज क्षेत्र के रामपुर बन्तरा गांव स्थित भूमि के राजस्व अभिलेखों में धारा-80 के तहत दर्ज कराने के मामले में कार्रवाई न होने से बरहपुर गांव निवासी श्रीमती कांति देवी पत्नी राजनाथ गुप्ता ने नाराजगी जताई है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों पर मामले में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार रविन्द्र कुमार जायसवाल को पत्र लिखकर शिकायत की है और प्रकरण का शीघ्र निस्तारण कराने की मांग की है।
कांति देवी के अनुसार रामपुर बन्तरा गांव में स्थित भूमि आरजी नंबर 453 में 0.0760 हेक्टेयर जमीन की उन्होंने अपने नाम से रजिस्ट्री कराई थी। भूमि को नियमानुसार धारा-80 में दर्ज कराने के लिए उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन आवेदन किया। उनका कहना है कि एक बार आवेदन करने के बाद कार्रवाई न होने पर उन्होंने दोबारा और फिर तीसरी बार भी ऑनलाइन आवेदन किया, लेकिन इसके बावजूद अभी तक उनके प्रकरण पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
पीड़िता का आरोप है कि कई महीने बीत जाने के बावजूद आवेदन लंबित पड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी और समाधान के लिए वह संबंधित तहसील एवं कार्यालयों में कई बार संपर्क कर चुकी हैं। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कांति देवी ने कहा कि जब निर्धारित प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन आवेदन करने के बाद भी लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं होती है तो आम नागरिकों के लिए राजस्व संबंधी कार्यों को पूरा कराना कठिन हो जाता है। उन्होंने प्रशासन से अपने प्रकरण की जांच कर यह पता लगाने की मांग की है कि बार-बार आवेदन किए जाने के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
इसी मामले को लेकर उन्होंने राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार रविन्द्र कुमार जायसवाल को लिखित शिकायत भेजकर हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित कर भूमि से जुड़े लंबित प्रकरण का नियमानुसार शीघ्र निस्तारण कराने की मांग की है।
वहीं क्षेत्र के लोगों का कहना है कि भूमि एवं अन्य राजस्व संबंधी मामलों में समय पर कार्रवाई नहीं होने से लोगों को बार-बार तहसील और संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इससे आम नागरिकों का समय और धन दोनों खर्च होता है। ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों से ऐसे मामलों की नियमित निगरानी कर लंबित प्रकरणों का समयबद्ध, निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से निस्तारण कराने की मांग की है।
अब देखना यह है कि राज्यमंत्री को दी गई शिकायत के बाद संबंधित विभाग इस प्रकरण में क्या कार्रवाई करता है और कांति देवी के लंबित आवेदन का निस्तारण कब तक हो पाता है।
